हेयर फॉल क्या है  

बालों का झड़ना , जिसे ऐलोपेशिया या  गंजापन भी कहा जाता है।  बालो की झड़ने की गम्भीरता एक छोटे से क्षेत्र से पुरे शरीर में भिन्न हो सकती है।  कुछ लोगो में बल गिरने का कारण मनोवैज्ञानिक संकट होता है , हर दिन हर कोई के बाल झड़ते है।  शोध से पता चला है की एक व्यक्ति के प्रति दिन 100 बाल झड़ते है , लेकिन अधिक बाल झड़ने से किसी व्यक्ति के सिर पर गंजे धब्बे दिखाई दे सकते।  महिला के मामले में उसके सिर के शीर्ष पर बाल पतले  होते है।
बाल झड़ना कोई जानलेवा स्थिति नहीं है , लेकिन यह गंभीर रूप से खतरे से पड़ सकता है।  पुरुष , महिला और यहाँ तक की बच्चे भी बालों के झड़ने का अनुभव कर सकते है।  यह स्थिति आमतौर पर हार्मोनल परिवर्तन , आनुवंशिकता , चिकित्सा स्थितियों या कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट के परिणामस्वरूप होती है।  वंशानुगत कारणों से बालों का झड़ना बालों के झड़ने का सबसे आम कारण होता है।

बालों के झड़ने के प्रकार 

बाल विकास दर लोगों की उम्र के रूप में धीमी हो जाती है और इसे ऐलोपेशिया कहा जाता है।  बालों के झड़ने के कई प्रकार होते है।
  • अनौपचारिक ऐलोपेशिया –  यह उम्र के साथ बालों का प्राकृतिक रूप से पतला होना है।  बालों की रोम की संख्या में वृद्धि होती है जो आराम चरण में प्रवेश करती है और अन्य बाल कम और छोटे हो जाते है।
  • एंड्रोजेनिक ऐलोपेशिया –  इस आनुवंशिक स्थिति में महिला और पुरुष दोनों प्रभावित हो सकते है।  जिन पुरुषो की यह स्थिति होती है , उनके किशोरावस्था में भी बाल झड़ने लगते है, ऐसे पुरुष -पैटर्न गंजापन के रूप में जाना जाता है।  यह ललाट खोपड़ी और स्कैल्प से क्रमिक बालों के झड़ने और हेयरलाइनिंग द्वारा चिन्हित किया जाता है।  इससे प्रभावित होने वाली महिलाओं के बालों में उनके फोरटीज के बाद बाल पतले होते है , इसे महिला – पैटर्न गंजापन के रूप में जाना जाता है और क्राउन के पास अधिकतम बाल झड़ने लगते है।
  • ऐलोपेशिया आरेटा – यह आमतौर पर अचानक शुरू होता है और युवा वयस्कों और बच्चो में पैच में बालों के झड़ने की ओर जाता है।  यह पुरा बाल्डिंग (ऐलोपेशिया ) हो सकता है।  इस स्थिति वाले 90 % से अधिक लोगों में , बाल कुछ वर्षो में वापस उग जाते है।
  • ट्रिकोटिलोमेनिया – यह बच्चों में सबसे अधिक देखा जाता है।  मनोवैज्ञानिक के कारण विकार के कारण व्यक्ति अपने ही बालो को खराब कर देता है।
  • स्कारिंग ऐलोपेशिया – यह अपरिवर्तनीय बालो के झड़ने के इंगित करता है।  त्वचा की इंफ्लामेटरी स्थितियों जैसे कि फोलिकुलिटिस , मुहांसे और सेल्युलाइटिस , ऐसे परिणाम उतपन्न करते है जो बालो की पुनर्जीवित करने की क्षमता को नष्ट कर देते है।
बाल गिरने के लक्षण और संकेत क्या है
  • बालों का खेडीत होना या पैच बनना।
  • बाल पतले होना और आसानी से टूटना।
बाल झड़ने के क्या कारण है 
बालों का गिरने का कोई एक कारण नहीं है कई सारे कारण है आइयें जानते है ये कारण कोनसे है
  • बालों में डैंड्रफ (dandruff ) होना – अगर बालों में ज्यादा डैंड्रफ  हो तो ये भी एक कारण होता है जिससे बाल झड़ते है।
  • ज्यादा तनाव लेना –  अगर आप अपने काम से बहुत परेशान है या फिर ज्यादा तनाव में रहते है तो इससे भी बाल झड़ते है।
  • अलग -अलग तरह के केमिकल शैम्पू – रोजाना अलग -अलग प्रकार के शैम्पू इस्तेमाल  करते है तो इससे बाल झड़ना शुरू हो जाते है , क्योकि शैम्पू में कितने केमिकल  होते है जो हमारे बालों के लिए हानिकारक है।
  • स्कैल्प इंफेक्शन होना – अगर आपके स्कैल्प इंफेक्शन है तो बाल बहुत ज्यादा झड़ते है ऐसे में आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
  • गर्भाशय –  गर्भाशय से भी बाल झड़ते है।  पप्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं में हार्मोनस के बदलाव  होते है जिससे उस वक्त महिलाओं में काफी ज्यादा बाल झड़ते है।
  • सही भोजन का सेवन नहीं करना –  आजकल के युवाओं में बाहर खाना बहुत पसंद  करते है , लोग जंक फूड्स खाना पसंद करते है जिसे  खाने से हेयर फॉल होता है , क्योकि इससे हमारे बॉडी में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन नहीं मिल पाता , जिससे बालों का झड़ना शुरू हो जाता है।

कुछ अन्य कारण है जिनके माध्यम से बालों का झड़ना होता है

  • हार्मोन – असामान्य एण्ड्रोजन स्तर के कारण बाल गिर सकते है।
  • जीन – माता – पिता से जीन किसी व्यक्ति की महिला या पुरुष पैटर्न गंजापन होने की सम्भावना को बढ़ा सकते है।
  • ड्रग्स – ब्लड थिनर , कैंसर उपचार दवाओं , जन्म नियंत्रण दवा और बीटा ब्लॉकर्स के कारण बालों का गिरना भी हो सकता है।
  • कॉस्मेटिक – हेयर डाई , ब्लीचिंग और शैम्पू के उपयोग जैसी प्रक्रियाएं सभी बालों को पतला कर सकती है जिससे यह भंगुर और कमजोर हो जाते है।  गर्म कर्लर या रोलर्स का उपयोग करने से भी बालों का टूटना और नुकसान होता है।  हालाँकि इनमे गंजापन नहीं होता है। सिर्फ बाल झड़ते है।
किस विटामिन की कमी से बाल झड़ते है
विटामिन बालों की वृद्धि में आवश्यक भूमिका निभाते है।  विटामिन में कमी से बालों के झड़ने से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती है।  नियासिन या विटामिन बी 3 और बायोटिन एक और बी विटामिन है , जो  बालों के झड़ने की ओर जाता है।  कुछ सबूतों से पता चलता है की शरीर में विटामिन डी की कमी बालों के विकास को प्रभावित करती है।  विटामिन्स ए , बी , डी , इ , बी कॉम्प्लेक्स , आयोडीन , मैगनीशियम , कॉपर , आयरन , सिलिकॉन और पोटेशियम जिनकी कमी शरीर में होने से बालों को काफी नुकसान पहुँचता है और बाल झड़ने शुरू हो जाते है।  कई लोग बालों पर कलर का खूब इस्तेमाल करते है।  ऐसा  करने से बाल कमजोर हो जाते है और वो झड़ना शुरू हो जाते है।  विटामिन बी कॉम्प्लेक्स बालों के असमय सफ़ेद होने और झड़ने को रोकता है।

बालों को झड़ने से रोकने के लिए कोनसे विटामिन अच्छे है 

पोषण की कमी से बालों का झड़ना बंद हो जाता है और विटामिन का सेवन इसे रोकने का सबसे अच्छा तरीका है सबसे अच्छे विटामिन निम्न है –
  • विटामिन ए – यह शरीर में मौजूद हर कोशिका के लिए मुलभुत इकाई है।  बाल सबसे तेजी से बढ़ते ऊतक है , विटामिन ए इसकी वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।  विटामिन ए पशु उत्पादों जैसे दूध , अंडे और कॉड लिवर ऑयल में पाया जाता है।
  • विटामिन बी – यह आरबीसी के निर्माण में मदद करता है और खोपड़ी तक ऑक्सीजन पोषक तत्व पहूँचाता है।  विटामिन बी पुरे अनाज , बादाम , मांस , समुद्री भोजन , हरी पत्तेदार सब्जियों में पाया जाता है।
  • विटामिन सी – यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो मुक्त कणो के कारण होने वाले ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाता है।  कोलेजन प्रोटीन नामक एक प्रोटीन जो बालों के विकास के लिए महवत्पूर्ण है।  यह विटामिन बालों के लिए आवश्यक खनिजों को अवशोषित करने में मदद  करता है।  खट्टे फल जैसे संतरे , स्ट्राबेरी ,  मिर्च आदि बालों के विकास के लिए अच्छे होते है।
  • विटामिन डी – यह बालों के विकास के लिए एक प्रमुख कारक होता है जो नए रोम बनाने में मदद करता है।  विटामिन डी बालो बालों के उत्पादन में महत्वपूर भूमिका निभाता है।  मशरूम और फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ विटामिन डी का अच्छा स्त्रोत है।

बाल गिरने से रोकने के घरेलू उपाय 

बालों का झड़ना और गंजापन आज कल एक बहुत आम बात हो गयी है।  काफी लोग इस बीमारी का शिकार मिलते है जो बालों के लगातार झड़ने से परेशान है।  वैसे बालों का झड़ना हार्मोन्स पर निर्भर करता है लेकिन कुछ घरेलू उपाय भी है जिनका इस्तेमाल करके आप गंजेपन से बच सकते है।
  • अंडे की सफेदी – यह प्रोटीन , खनिज और बी कॉम्प्लेक्स के भंडार है जो बालों के लिए महत्वपूर्ण है।  अंडे को फोड़कर उसके अंदर की सफेदी को सर पे लगाएं ये बालों के तेजी से बढ़ने  में मदद करता है।  सप्ताह में 2 -3 बार अंडे का इस्तेमाल जरूर करे।  अगर अंडे को जैतून के तेल के साथ इस्तेमाल करे तो और अच्छा परिणाम मिलेगा।
  • नारियल तेल – नारियल तेल सबसे आसान और अच्छा घरेलू उपचार है।  20 ml नारियल का तेल ले और 10 ml आमला तेल ले , इसके अलावा एक या दो चम्मच निम्बू का रस लेकर तीनो  अच्छे से मिलाये और सर पे लगाए और कुछ देर तक रहने दे।  20 मिनट बाद से को धो ले।  इससे बाल मुलायम और मजबूत रहते है , और डैंड्रफ  भी कम हो  जाते है। नारियल का तेल उपयोग करने से बालों को पोषण प्रदान होता है और गिरने से भी बचाता है।
  • स्कैल्प को तेल से मालिश करे – बालों का झड़ना इसके पीछे कारण बालो में ब्लड सर्कुलेशन नहीं पहुंचना होता है , अगर बालो में ब्लड सर्कुलेशन अच्छे से नहीं पहुंचते है तो बाल झड़ना गिरना शुरू हो जाते है।  इसके लिए आप हर दो दिन में या फिर हफ्ते में तीन बार तेल से अपने स्कैल्प यानि सर की मालिश करते रहते है तो इससे आपके स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन सही से हो पायेगा जिससे बाल का झड़ना बंद हो जायेगा।  आज कल बाजार में कई तरह के केमिकल के तेल मिलते है जिसका प्रयोग ना करे।  अत : बिना केमिकल के ही तेल प्रयोग करे।  जिससे हेयर फॉल कम होगा।
  • मेथी और तेल – मेथी के कुछ बीज लेकर उन्हें नारियल के तेल में फ्राई कर ले , ठंडा होने पर इसे सर पर लगाए।  सप्ताह में 3 -4 बार ऐसे सर की मालिश करे जिससे बाल कम झड़ेंगे।
  • एलोवेरा – इसमें अमीनो एसिड और प्रोटियोलिटिक एंजाइमों बड़े पैमाने पर होते है जो बालों के विकास के लिए अच्छे है।  इसमें अरंडी के तेल और मेथी पाउडर का मिश्रण मिलाकर सर पे लगाया जाता है।  जिससे बाल का गिरना कम होने लगता है।
  • प्याज – इसमें आहार सल्फर होता है जो एंजाइमों और प्रोटीन उत्पादन के लिए आवश्यक खनिज है।  प्याज के रस के रोगाणुरोधी गुण खोपड़ी को संक्रमण से लड़ने में मदद करते है। दूसरी ओर एंटीऑक्सीडेंट गुण , मुक्त कणो को रद्द कर देता है जो बालों के रोम को नुकसान को कम  करते है। इसके अलावा सर में जो भी इंफेक्शन है या बैक्टीरिया है वो सारे मर जायेंगे।  साथ ही प्याज का रस बालो में लगाने से बाल का झड़ना बंद हो जाता है।
  • आंवला – इसमें एंटीऑक्सीडेंट  की उच्च सांद्रता होती है जो त्वचा कोशिकाओं के पुनर्जनन को बढ़ाती है।  यह भूरे बालों  को कम करता है और रुसी को भी कम करता है।  आंवला बालों को घना करता है।  एक सूखा आमला ले और उसे काटकर नारियल तेल में उबाले , ठंडा होने के बाद इसे रोजाना नहाने से पहले इस तेल को लगाए और 15 मिनट तक छोड़ दे।  फिर इसे धो ले।  ऐसा करने से बालो को ऊर्जा प्रदान होती है और उनकी जड़े मजबूत बनती है।
  • अमरुद की पत्तियां – अमरुद की पत्तिया को ले और इसे पानी में उबाल ले।  जब तक पानी का रंग का काला ना हो जाये तब तक उबाले।  फिर ठंडा हो जाने पर इसे सर पे मालिश कर्रे।  जिससे बालों का झड़ना काफी हद तक कम हो जाता है।
  • दही – मेथी के दानो को पीसकर मिस्क कर ले अब इस पाउडर को दही में मिलाये फिर इसे सर पे हल्के हाथो से मालिश करे।  फिर इसे  गुनगने पानी से धो ले।  दही एक प्रोबायोटिक्स का एक स्त्रोत है।  प्रोबायोटिक्स  का उपयोग बालों के विकास और उनकी मोटाई में सुधार करता है।
  • शिकाकाई – शिकाकाई और हिना के पाउडर को मिलाकर पेस्ट बना ले।  फिर इसे सर पे लगाए।  फिर शैम्पू से धो ले। इस पेस्ट को हफ्ते  में बार इस्तेमाल करते रहे। शिकाकाई एक  हर्बल जड़ी- बूटी है।  इसका उपयोग बालों को बढ़ाने और उन्हें धोने के लिए हर्बल शैम्पू के रूप में किया जाता है।

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