गर्भावस्था के  दौरान सेक्स करने के फायदे , नुकसान और सेक्स पोजिशंस 

गर्भावस्था के दौरान सेक्स करने के फायदे , नुकसान और सेक्स पोजिशंस /Advantages, disadvantages and sex positions of sex during pregnancy
गर्भावस्था के  दौरान सेक्स करने के फायदे , नुकसान और सेक्स पोजिशंस
गर्भावस्था के दौरान आपको अपने यौन जीवन को बदलने की कोई आवश्यकता नहीं है जब तक कि आपका डॉक्टर आपको इसकी सलाह न दे। गर्भावस्था के दौरान संभोग आपके बच्चे को नुकसान नहीं पहुँचता, जब तक कि आपको कोई मेडिकल समस्या न हो। गर्भावस्था के दौरान आपके बच्चे  को गर्भाशय  में अम्निओटिक तरल पदार्थ द्वारा अच्छी तरह से संरक्षित रखा जाता है। गर्भावस्था के दौरान सेक्स करने से गर्भवती को अनेकों प्रकार के शारीरिक और भावनात्मक लाभ प्राप्त होते हैं। जिसके बारे में अधिकांश महिलाएं नहीं जानती हैं इस आर्टिकिल से हम आपको बताएंगे की गर्भावस्था के दौरान संभोग करने से गर्भवती को किस प्रकार के लाभ मिल सकते हैं ।
गर्भधारण के बाद होने वाले माता-पिता सोच सकते हैं कि क्या गर्भावधि में संभोग करना सुरक्षित है, और क्या यह गर्भ में पल रहे शिशु पर कोई प्रभाव डाल सकता है। अक्सर गर्भवती महिलाएं अपने अंदर हो रहे हार्मोनल बदलाव, थकान व शारीरिक परिवर्तनों को जानते हुए संभोग के प्रति अनिच्छा को जाहिर कर सकती हैं।
यह आर्टिकल आपको गर्भावस्था के दौरान यौन संबंध बनाने के सबसे सही समय का पता लगाने में मदद कर सकता है। साथ ही गर्भावस्था के दौरान संभोग से होने वाले लाभ, इससे कब बचना चाहिए, सुरक्षित यौन पोजीशन और अन्य अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के बारे में भी सारी जानकारी के लिए इस आर्टिकल को को पूरा
पढ़ें और आगे भी शेयर करे। 

आइये जानते हैं गर्भावस्था के दौरान सेक्स करने से क्या फायदे होते हैं :

शरीर में रक्त परिसंचरण को बेहतर करता हैं –

गर्भावस्था के दौरान शरीर में रक्त की आपूर्ति माँ और बच्चे दोनों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लगभग दोगुनी हो जाती है। क्योकि ऐसे समय में सुस्त रक्त परिसंचरण की प्रक्रिया शरीर के लिए हानिकारक हो सकती है। संभोग के दौरान ऐसे होर्मोनेस निकलते हैं जो शरीर के रक्त परिसंचरण को बेहतर करनेमें महतवपूर्ण भूमिका निभाते हैं।जिसके कारण गर्भ में भ्रूण को ऑक्सीजन औरपोषक तत्वों की पर्याप्त आपूर्ति होती है, जो शिशु के विकास में सहायक होती है।

अधिक संतुष्टि और बेहतर सुख महसूस होता हैं

कई गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान उनके पूर्व-गर्भावस्था चरण की तुलना में बेहतर संभोग सुख का अनुभव होता है। इसके पीछे कारण यह है कि गर्भावस्था के दौरान शरीर में दो हार्मोन का
उत्पादन बढ़ जाता है पहला एस्ट्रोजन और दूसरा प्रोजेस्टेरोन। शरीर में एस्ट्रोजेन बढ़ने के साथ पेल्विक क्षेत्र में रक्त का प्रवाह अधिक हो जाता है, जिससे महिलाएं अधिक उत्तेजित महसूस करती हैं। रक्त की वृद्धि होने के कारण महिलाओं के कामुक क्षेत्रों में वृद्धि होने के कारण सेक्स के प्रति उनकी संवेदना बढ़ जाती है।

 पेल्विक भाग की मांसपेशियों को मजबूत करता है-

गर्भावस्था के दौरान विशेष रूप से तीसरी तिमाही में सेक्स करने के सबसे बड़े लाभों में से एक यह है कि यह आपके पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत करता है। गर्भावस्था के दौरान सेक्स करने से इन मांसपेशियों को मजबूती मिलती है, और यह प्रसव के दौरान होने वाले कष्ट से निपटने के लिए पर्याप्त मजबूती  प्रदान करता है।

पति और पत्नी में के प्रेम बढ़ता हैं-

गर्भावस्था के दौरान सेक्स करने से एंडोर्फिन हॉर्मोन निकलता है जो तनाव के स्तर को कम करने में मदद करता है जिससे बच्चे और माँ को स्वस्थ वातावरण मिलता है। इसके अतिरिक्त ऑक्सीटोसिन नामक हॉर्मोन्स के उत्पादन को भी बढ़ाता है, यह हॉर्मोन लगाव और प्यार बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होता है। जिसके कारण दोनों पाटनर्स के बीच बेहतर संबंध स्थापित होने में मदद मिलती है।

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 गर्भावस्था के दौरान स्त्री में दिमाग में आने वाले कुछ सवाल इस प्रकार है और इनके जवाब आगे इस आर्टिकल में दिए गए हैं

गर्भावस्थाके दौरान यौन संबंध – क्या यह सुरक्षित है?

क्या गर्भावस्था के दौरान संभोग करना सुरक्षित है?

गर्भावस्था के दौरान यौन संबंध बनाना कब सुरक्षित नहीं है

गर्भावस्था से आपका यौन जीवन कैसे प्रभावित हो सकता है

गर्भावस्था के दौरान यौन संबंध के लाभ

गर्भावस्था के दौरान संभोग करने से समस्याओं के संकेत

गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित यौन संबंध कैसे बनाया जा सकता है

गर्भावस्था के दौरान यौन पोजिशन्स

क्यागर्भावस्था के दौरान ओरल सेक्स किया जा सकता है?

अपने साथी के करीब जाने के अन्य तरीके

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न 

क्या गर्भावस्था के दौरान संभोग करना सुरक्षित है?

यदि आपकी गर्भावस्था स्वस्थ और सामान्य है, तो अंतिम तिमाही तक यौन संबंध बनाना बिलकुल सुरक्षित है। गर्भावस्था के दौरान यौन संबंध बनाना आपके शरीर और रिश्ते दोनों के लिए अच्छा होता है।अध्ययनों  यह भी पता चला है कि जो गर्भवती महिलाएं नियमित रूप से यौन संबंध बनाती हैं, उनमें समय से पहले प्रसव होने की संभावना कम होती हैं।

यदि आप सोच रही हैं कि गर्भावस्था के दौरान संभोग करना कब बंद करदेना चाहिए तो नीचे दिएगए मामलों में डॉक्टर आपको सलाह दे सकते हैं:

गर्भावस्था के दौरान सेक्स करने के फायदे , नुकसान और सेक्स पोजिशंस /Advantages, disadvantages and sex positions of sex during pregnancy

– गर्भपात का इतिहास: 

यदि पहले भी आपका गर्भपात हो चुका है तो यौन संबंध न बनाना ही बेहतर है।

-योनि में रक्त का बहना : 

योनि से रक्तस्राव या हल्का खून निकलना गर्भपात के खतरे का प्रारंभिक संकेत हो सकता है और गर्भावस्था के दौरान, यदि आपकी योनि से रक्त बह रहा है, तो संभोग न करना ही एक बेहतर विकल्प है।

-श्रोणि में दर्द: 

यदि आपको संभोग के बाद श्रोणि में दर्द या पेट में ऐंठन है, तो आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और गर्भावस्था के दौरान संभोग करने से बचें। प्लेसेंटा प्रिविया: यदि गर्भनाल (प्लेसेंटा) नीचे की तरफ है या आपको प्लेसेंटा प्रिविया है, तो गर्भावस्था के दौरान संभोग न करें।

-गर्भाशय ग्रीवा में अक्षमता:

यदि आपकी गर्भाशय ग्रीवा कमजोर या अक्षम है, तो गर्भावस्था के दौरान यौन संबंध बनाना असुरक्षित हो सकता है। गर्भाशय ग्रीवा योनि के ऊपर स्थित गर्भाशय का मुख होता है और एक कमजोर गर्भाशय ग्रीवा जल्द ही खुल सकती है जिससे समय से पहले प्रसव पीड़ा होने की संभावना होती है

-यौन संचारित रोग (एस.टी.डी.): 

यदि आपको या आपके साथी को यौन संचारित रोग है, तो आपको गर्भावस्था के दौरान यौन संबंध नहीं बनाना चाहिए क्योंकि इससे आपको भी यह रोग हो सकता है और यह गर्भावस्था को प्रभावित कर सकता है।

-समय से पहले प्रसव
का इतिहास: 

यदि आपकी पिछली गर्भावस्था में प्रीमैच्योर बच्चे का जन्म हुआ था, तो संभोग न करना अधिक सुरक्षित है।

-यदि आपके गर्भ में एक से अधिक
शिशु हैं: 

यदि आपके गर्भ में एक से अधिक भ्रूण हैं तो आपको संभोग नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे ऐंठन, रक्तस्राव या संकुचन हो सकता है। एक से अधिक बच्चे के साथ गर्भवती होने के मामले में समय से पहले प्रसव होने का खतरा अधिक होता है और सेक्स करने से इसकी संभावना और बढ़ जाती है।

-पानी की थैली फटने
पर: 

जब आपके गर्भाशय में एम्नियोटिक थैली जो बच्चे की सुरक्षा करती है फट जाती है तो एम्नियोटिक द्रव योनि-स्राव के माध्यम से बाहर आता है। अगर आपकी थैली फट गई है तो यौन संबंध बनाना असुरक्षित है क्योंकि इससे शिशु में संक्रमण हो सकता है।

गर्भावस्था
से आपका यौन जीवन कैसे प्रभावित हो सकता है ?

गर्भावस्था आपके यौन जीवन को काफी प्रभावित कर सकती है। शरीर में विभिन्न परिवर्तनों के कारण गर्भावस्था के दौरान सेक्स की इच्छा में वृद्धि या कमी हो सकती है। कई महिलाओं को हार्मोनल उतार-चढ़ाव और उनके रूप के प्रति लज्जा के कारण भी सेक्स की इच्छा कम हो सकती है। हालांकि, ऐसी स्थितियां भी हैं जब गर्भवती महिलाएं की कामेच्छा में वृद्धि महसूस करती हैं।

पहली
तिमाही

पहली तिमाही के दौरान, महिलाएं मॉर्निंग सिकनेस, मूड स्विंग्स (मनोदशा में उतार-चढ़ाव), थकान, अतिसंवेदनशील स्तन और अक्सर पेशाब करने की इच्छा से प्रभावित होती हैं। हार्मोनल परिवर्तन के साथ इन सभी कारणों से कामेच्छा में कमी हो सकती है।

दूसरी
तिमाही

कई महिलाएं गर्भावस्था की दूसरी तिमाही के दौरान यौन संबंध बनाने से कामेच्छा में वृद्धि महसूस करती हैं। पहली तिमाही में मॉर्निंग सिकनेस और अन्य असुविधाएं आमतौर पर दूसरी तिमाही में खत्म हो जाती हैं। इस अवधि में पेट काफी छोटा होता है, इसलिए आप आराम से यौन संबंध बना सकती हैं। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में रक्त की मात्रा बढ़ जाती है और इसके कारण श्रोणि क्षेत्र में रक्त परिसंचरण बढ़ता है और योनि में सूजन आ सकती है। इससे उस क्षेत्र में संवेदना बढ़ सकती है और महिलाओं को अधिक आसानी से सेक्स करने में मदद मिलती है।

तीसरी
तिमाही

बहुत सारी महिलाएं गर्भावस्था की तीसरी तिमाही के दौरान सेक्स करने की इच्छा प्रकट नहीं करती हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि पेट के बड़े होने से कई सेक्स के पोजिशन्स में असहजता महसूस हो सकती है। आप यौन संबंध बनाने में कम दिलचस्पी भी महसूस कर सकती हैं, क्योंकि जैसे-जैसे प्रसव की तारिख नजदीक आती है आपको शिशु के जन्म और मातृत्व को लेकर चिंता होती है। यह भावनाएं पूरी तरह से आम हैं और महिलाओं के लिए अंतिम तिमाही में यौन संबंध से परहेज करना सामान्य है।

गर्भावस्था
के दौरान यौन संबंध के लाभ

एक सामान्य और स्वस्थ गर्भावस्था के दौरान किया गया संभोग गर्भवती महिला और बच्चे, दोनों के लिए फायदेमंद हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान यौन संबंध के कुछ फायदे इस प्रकार हैं:

-बेहतर ऑर्गाज़म : 

श्रोणि में रक्त प्रवाह की वृद्धि से जननांगों में संवेदना बढ़ती है और इससे महिलाओं को अधिक आसानी से और कई बार ऑर्गाज़म प्राप्त करने में मदद मिलती है।

-बेहतर नींद: 

गर्भावस्था के दौरान यौन संबंध बनाने से गर्भवती महिला को आराम मिलता है और बेहतर नींद आने में मदद मिलती है। साथ ही, यौन संबंध में होने वाली आगे-पीछे की गतिविधि से शिशु को अच्छी नींद आ सकती है।

-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है: 

अध्ययनों में पाया गया है कि यौन संबंध एक विशिष्ट एंटीबॉडी के स्तर को बढ़ाता है, जो सर्दी और संक्रमण सेलड़ता है।

-दर्द कम होता है: 

यौन संबंध से ऑक्सीटोसिन नामक हार्मोन निकलता है, जो दर्द सहने की क्षमता को 70% से अधिक बढ़ा देता है।

-रक्तचाप कम करता है: 

यौन संबंध बनाने से रक्तचाप कम होता है। यह गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद है क्योंकि उच्च रक्तचाप से प्रीक्लेम्पसिया नामक खतरनाक बीमारी हो सकती है।

-अंतरंगता में सुधार: 

सेक्स के दौरान निकलने वाले हार्मोन, ऑक्सीटोसिन को ‘लव हार्मोन’ भी कहा जाता है और यह आपके साथी के प्रति अंतरंगता और लगाव की भावना को बढ़ाता है।

-प्रसव के बाद स्वस्थ
होने की प्रक्रिया तेज
करता है: 

गर्भावस्था के दौरान संभोग करने से बच्चे के जन्म के लिए श्रोणि क्षेत्र की मांसपेशियों कोतैयार करने में मदद मिलती है। यह बदले में प्रसव के बाद तेजी से स्वस्थ होने में मदद करता है।

-खुशी बढ़ाता है: 

सेक्स से एंडोर्फिन नामक रसायन निकलते हैं, जो सुख, कामुकता, दर्द से राहत और प्रसन्नता से जुड़े होते हैं। इससे माँ और शिशु दोनों खुश और तनाव-मुक्त हो जाते हैं।

-कैलोरी कम करता है: 

कैलोरी कम करने के लिए यौन संबंध एक अच्छा तरीका है। 30 मिनट का सेक्स लगभग 50 कैलोरी कम कर सकता है। गर्भावस्था के दौरान संभोग करना स्वस्थ रहने का एक बेहतरीन तरीका है।

गर्भावस्था
के दौरान संभोग करने से समस्याओं के
संकेत

यदि गर्भावस्था के दौरान संभोग करने से किसी समस्या का संकेत दिखता है, तो आपको तुरंत रुकना चाहिए और डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसी तरह, आपको सेक्स के बाद होने वाली किसी भी समस्या के लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की आवश्यकता है। महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान सेक्स करने से होने वाले कुछ दुष्प्रभावों में रक्तस्राव या हल्का खून निकलना, भ्रूण की गतिविधि में वृद्धि और गर्भाशय के संकुचन भी शामिल हैं। सेक्स के बाद हल्का रक्तस्राव या हल्का खून आना और हल्की ऐंठन होना आम बात है। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान संभोग के पहले और बाद में यदि इनमें से कोई भी समस्या होती है तो आप तुरंत चिकित्सक से मिलें:
-संभोग के दौरान दर्द
भारी रक्तस्राव
-एम्नियोटिक द्रव का रिसाव
-दर्दनाक ऐंठन जो जल्दी ठीक नहीं होती है

गर्भावस्था
के दौरान सुरक्षित सेक्स कैसे किया जा सकता है ?

आपको और आपके बच्चे को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए गर्भावस्था के दौरान सेक्स करने के कुछ टिप्स  यहाँ दिए गए हैं-

-खुद को एस.टी.डी. से बचाएं: 

यौन संचारित रोग गर्भवती महिला और शिशु के लिए खतरनाक हैं। एस.टी.डी. ओरल, गुदा (ऐनल) या योनि संभोग के माध्यम से हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान, केवल एक ही व्यक्ति के साथ यौन संबंध रखें और सुनिश्चित करें कि वो और किसी के साथ सेक्स नहीं करता हो। सुनिश्चित करें कि आपके साथी को एस.टी.डी. की समस्या न हो।

-गुदा संभोग से बचें: 

गुदा संभोग में लिंग गुदा में प्रवेश किया जाता है। यह गर्भावस्था के दौरान असुरक्षित है क्योंकि गुदा में बहुत जीवाणु होते है जो संक्रमण का कारण बन सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान गुदा संभोग से बचना सबसे अच्छा है। यहाँ गुदा सम्भोग का मतलब अनल सेक्स से हैं।

-योनि में न फूंकें: 

अगर आप ओरल सेक्स करती हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपका साथी आपकी योनि में न फूँक नहीं मारे। यह वात-वाहिकारोध का कारण बन सकता है, वात वहिकारोध हवा के बुलबुले होते हैं जो रक्त वाहिकाओं को अवरुद्ध करते हैं।

गर्भावस्था
के दौरान सेक्स पोजिशन्स

यहाँ कुछ सुरक्षित और आरामदायक सेक्स पोजिशन्स बताए गए हैं, जिन्हें अपनी गर्भावस्था के दौरान आप अपना सकती हैं;

-कुर्सी में गोद पर: 

इसमें आपका साथी कुर्सी पर स्थिर बैठ जायेगा और उसके बाद आप उसकी गोदी पर बैठें। आप बैठ कर या खड़े होकर प्रवेश की गहराई को नियंत्रित कर सकती हैं।

-बगल में लेटकर: 

इस मुद्रा को ‘स्पूनिंग’ भी कहा जाता है, यह मुद्रा सेक्स के दौरान आपके पेट पर दबाव को कम करती है।आपके साथी के साथ बगल में लेट जाएं, इसमें लिंग ज्यादा गहरा प्रवेश संभव नहीं होता है।

-महिला के ऊपर होने
की मुद्रा: 

यह मुद्रा आपके पेट पर दबाव को कम करती है और आपको प्रवेश की गति व गहराई को नियंत्रित करने में मदद करती है। इस मुद्रा से महिलाओं को उच्च मात्रा में संतुष्टि प्राप्त होती है। इस मुद्रा में पुरुष के लेटने या बैठने के बाद महिला आगे या पीछे की ओर मुंह करके और अपने पैरों को फैलाकर साथी के ऊपर बैठ सकती है। और लिंग को जितनी गहराई में लेना चाहे उतनी ले सकती है मतलब की स्थिति महिला के वश में रहती हैं।

क्या गर्भावस्था के दौरान ओरल सेक्स किया जा सकता है?

गर्भावस्था के दौरान ओरल सेक्स करना पूरी तरह से सही हैं। हालांकि, ध्यान रखें कि आपका साथी योनि में न फूंके। इससे रक्त में हवा के कारण बुलबुले पड़ने से रक्त प्रवाह रुक सकता है जिसे वात वहिकारोध या एयर एम्बोलिज्म भी कहा जाता है और यह आपके लिए एक खतरनाक समस्या है। इसके अलावा यदि आपके साथी को एस.टी.डी. की समस्या है तो ओरल सेक्स से बचें।

गर्भावस्था के दौरान सेक्स करने के फायदे , नुकसान और सेक्स पोजिशंस /Advantages, disadvantages and sex positions of sex during pregnancy

 

अपने साथी के करीब जाने के अन्य तरीके     

यदि आप संभोग नहीं करना चाहती हैं तो यह एक आम बात है। आप अन्य तरीकों से अपने साथी के करीब आ सकती हैं, वे तरीके इस प्रकार हैं;

-प्यार और दुलार (कडलिंग)

-मालिश – 

एक दूसरे को मालिश देने से दंपति के बीच अंतरंगता बढ़ सकती है।

-चुंबन

-हस्तमैथुन: 

आपके व आपके साथी के बीच बिना सेक्स के अंतरंगता प्रदान करने के लिए स्पर्श एक और तरीका है।

-ओरल सेक्स: 

अगर योनि संभोग आपको असहज करता है, तो ओरल सेक्स का प्रयास करें। इस तरीके से, आप गर्भावस्था के दौरान योनि संभोग की परेशानी के बिना अंतरंग हो सकती हैं।

अक्सर
पूछे जाने वाले प्रश्न

यहाँ आपको गर्भावस्था के दौरान सेक्स के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं:

1. क्या
संभोग से प्रसव पीड़ा
उत्तेजित हो सकती है?

किसी भी विज्ञान अध्ययन में यह सिद्ध नहीं हुआ है कि संभोग और प्रसव पीड़ा की उत्तेजना में कोई भी संबंध होता है। हालांकि, अंतिम तिमाही में यौन संबंध बनाने के कारण प्रसव पीड़ा शुरू हो सकती है। गर्भाशय ग्रीवा में प्रोस्टाग्लैंडीन होते हैं, जो गर्भाशय ग्रीवा को नर्म कर देते हैं। इसके अलावा संभोग के दौरान ऑक्सिटॉसिन नामक हॉर्मोन मुक्त होता है, जिससे प्रसव पीड़ा प्रेरित हो सकती है।

2. क्या गर्भावस्था मेरे साथी की सेक्स की इच्छा को प्रभावित कर सकती है?

आपकी गर्भावस्था विभिन्न कारणों से आपके साथी की सेक्स की इच्छा को प्रभावित कर सकती है। इन कारणों में अजन्मे शिशु की उपस्थिति में संभोग करने के बारे में चिंता, आपके और आपके बच्चे के स्वास्थ्य के बारे में चिंता, आपके स्वास्थ्य और आपके बच्चे की भलाई के बारे में चिंता शामिल है और यह चिंता भी शामिल है कि सेक्स से अजन्मे शिशु को चोट लग सकती है। गर्भावस्था के दौरान सेक्स करने से पहले आप दोनों को किसी भी चिंता से संबंधित खुलकर बात करने की आवश्यकता है और इसके लिए आप डॉक्टर से भी संपर्क कर सकती हैं।

3. क्या पहली तिमाही के दौरान सेक्स से गर्भपात हो सकता है?

इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि पहली तिमाही में सेक्स गर्भपात का कारण बन सकता है। अधिकांश गर्भपात पहली तिमाही में होते हैं लेकिन क्रोमोसोमल असामान्यताओं के कारण ही होते हैं । गर्भावस्था के दौरान सेक्स करना पूरी तरह से सुरक्षित है और माँ व शिशु के लिए फायदेमंद हो सकता है। एक स्वस्थ गर्भावस्था में, नियमित रूप से सेक्स करना बिलकुल ठीक है। हालांकि, यदि आपकी गर्भावस्था में कोई कठिनाई है या इसमें कोई बहुत ज्यादा जोखिम है, तो इसके बारे में डॉक्टर से परामर्श करना ही सबसे उचित है। गर्भावस्था के दौरान यदि आप अपने साथी के साथ अपनी पसंद और नापसंद के बारे में बात करती हैं, तो आप एक संतुष्ट यौन जीवन जी सकती हैं। गर्भावस्था के दौरान अपने सेक्स जीवन को अधिक संतोषजनक बनाने के लिए इस आर्टिकल में दिए गए सुझावों का उपयोग करें।

 

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