केजरीवाल को नहीं मिली कोर्ट से राहत अंतरिम जमानत का फैसला अब 20 मई को !

केजरीवाल को नहीं मिली कोर्ट से राहत अंतरिम जमानत का फैसला अब 20 मई को !

आबकारी घोटाला मामले में ईडी की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई के आद सुप्रीम कोर्ट की बेंच मंगलवार को कोई फैसला सुनाए बिना उठ गई। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने केजरीवाल की अंतरिम जमानत को लेकर कहा कि हम इस पर पहले मन बनाएंगे, फिर बताएंगे। इससे पहले शीर्ष अदालत ने कहा था कि केजरीवाल आदतन अपराधी नहीं है। उन्हें लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रचार की अनुमति देने के लिए अस्थायी जमानत के लिए दलीले सुनी जाएंगी।

कोर्ट ने कहा कि वह निर्वाचित मुख्यमंत्री है। अभी चुनाव चल रहे है…ये असाधारण परिस्थितियां है। सार्वजनिक हित का सवाल है। पीठ ने केजरीवाल से कहा कि उन्हें अंतरिम जमानत दी जाती है तो उन्हें सीएम कर्तव्यों का पालन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। दिल्ली में सात लोकसभा सीटों को लिए 25 मई को वोटिंग होनी है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने जांच में देरी पर इंडी से सवाल किया कि दिल्ली आबकारी नीति मामले में गवाहों, आरोपियों से सीधे प्रासंगिक सवाल क्यों नहीं पूछे गए? कोर्ट ने ईडी की जांच में देरी पर भी सवाल उठाया और कहा कि उसने चीजों को सामने लाने में दो साल लगा दिए। कोर्ट ने ईडी से केस फाइल भी मांगी। ने केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। मामले में अगली सुनवाई गुरुवार को होगी।

जेल में ही रहेंगे:

दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आबकारी घोटाला मामले में मुख्यमंत्री अरविंद मई तक बढ़ा दिया है। वहीं स्पेशल जज कावेरी बावेजा ने पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की तक बढ़ाने के आदेश दिए। कविता की न्यायिक हिरासत 14 मई तक बढ़ाने के आदेश दिए।

जस्टिस खन्ना : चुनाव का मौसम है… ये असाधारण स्थिति है. वह दिल्ली के मुख्यमंत्री है। आदतन अपराधी नहीं है।

एसजी तुषार मेहता : उनके साथ आम आदमी की तरह बर्ताव हो। चुनाव में कैपन क्या ज्यादा जरूरी है? देश की जेलों में पांच हजार नेता बंद होंगे।

जस्टिस खन्ना: हम इस कैस को तुरंत डित्साइड नहीं कर सकते। नेशनल चुनाव हर पांच साल बाव आते हैं। ये कोई फसल नहीं है, जो हर छह महीने बाद बोई जाती हो। यह पूरी तरह अलग मामला है। हम स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि हम आपको अंतरिम जमानत पर रिहा करते हैं तो हम नहीं चाहते कि आप आधिकारिक कर्तव्य निभाएं। अगर आप मुख्यमंत्री के तौर पर ऑफिशियल ड्यूटी करते हैं तो ये कनफ्लिक्ट होगा।

(केजरीवाल के वकील): वह किसी भी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे. इस शर्त के साथ कि एलजी इस आधार पर कोई काम नहीं रोकेंगे।

एसजी मेहता : कई फैसले है। जिसमें जमानत देते हुए अदालत ने राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने को मना किया है। केजरीवाल गंभीर मामले में आरोपी है। एक्ट कहता है अगर आप न्यायिक हिरासत में हैं तो राइट टू वोट निलंबित हो सकता है।

जस्टिस दत्ता : अगर याचिकाकर्ता राहत चाहता है तो हम क्या राहत पर विचार न करें?

एसजी मेहता : लेकिन फिर आपको हर किसी की याचिका पर भी समूह से हो। इन लोगों ने बड़ी केन चतुराई से याचिका दाखिल की है। ये गिरफ्तारी को चुनौती वाली है. लेकिन इसमें जमानत भी मांगी है।

ईडी ने किया अंतरिम जमानत का विरोध

ईडी ने केजरीवाल की अंतरिम जमानत का विरोध किया। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने पीठ को बताया कि 176 फोन नष्ट कर दिए गए हैं। हवाला ऑपरेटरों को नकदी भेजी गई। वहीं 100 करोड़ रुपए के नकद लेन-देन को हवाला रूट से ट्रांसफर किया और अन्य राज्यों में खर्च किया गया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उन्हें राहत दी जाती है तो यह मामला मिसाल बनेगा। राजनेता होने के कारण रिहा करना सही मिसाल नहीं है।

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