नाज है मुझे उस बेटी पर जो अपनी इज्जत संभालते हुए भी कभी पुरुषार्थ में पीछे नहीं हटती!…

बेटियों से ही आबाद है दुनियां… बेटी ना होती तो थम जाती ये दुनियां…

पराई होकर भी पराई नहीं रह पाती है। एक बेटी ही दूसरे के घर में घर का चिराग लाती है।

अगर संसार में बेटी ना होती है तो संसार की रचना ही ना होती!..