क्यों होती है पीरियड्स के दौरान योनि में खुजली एवं उसके कारण और उपचार।

योनि या जननांग में खुजली (VAGINAL ITCHING ) एक बेहद सामान्य समस्या है और हर महिला को अपने जीवन में कभी न कभी इस समस्या का सामना करना पड़ता है।
पीरियड्स के दौरान योनि में खुजली होना आम समस्या है जो टेम्पोन या पैड के इर्रिटेशन के कारण हो सकता है। यह समस्या पीरियड्स के चार से पांच दिन तक बनी रहती है और कई बार पीरियड्स खत्म होने के बाद भी कई दिनों तक योनि में जलन महसूस होती है। इस तरह की खुजली को कुछ उपाय अपनाकर दूर किया जा सकता है लेकिन यीस्ट इंफेक्शन , बैक्टीरियल वेजिनोसिस और यौन संचारित संक्रमण , इन सभी कारणों से योनि में खुजली हो सकती है।

 

अगर आपको पीरियड्स के समय योनि में जलन की समस्या महसूस होती है और यह दिक्क्त लगातार बनी रहती है तो आपको तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए है।
आज हम आपको इस लेख में पीरियड्स के दौरान योनि में खुजली होने के कारण और उपचार के बारे में बतायेंगे।
इसके निम्न बिंदु लेख इस प्रकार है –
  1. क्या होता है यीस्ट इंफेक्शन ?
  2. पीरियड्स के दौरान योनि में खुजली से खमीर संक्रमण होना। 
  3. पीरियड्स के दौरान खुजली के इर्रिटेशन की समस्या। 
  4.  पीरियड्स के  दौरान योनि में खुजली के कारण ट्राइकोमोनिएसिस हो सकता है –
  5. पीरियड्स के दौरान योनि में खुजली के कारण बैक्टीरियल वेजिनोसिस होना। 
  6. पीरियड्स के दौरान सावधानियां। 
  7. पीरियड्स के दौरान योनि में जलन के घरेलू उपचार।
क्या होता है यीस्ट इंफेक्शन –
 
 
 

 

 

यीस्ट इंफेक्शन प्राइवेट पार्ट में होने वाला एक तरह का संक्रमण है , जो पीरियड्स के दौरान लम्बे समय तक एक ही पैड रखने ,लगातार नमी बने रहने और मृत कोशिकाओं व अंडो के जमा होने से बैक्टीरियल के कारण होता है.
योनि में कई तरह के बैक्टीरिया और फफूंद होते है , आमतौर पर यह स्वस्थ संतुलन को बनाए रखते हुए योनि में रहते है। यीस्ट इंफेक्शन तब होता है जब कैंडिडा एब्लिकेन्स (एक प्रकार का यीस्ट ) योनि में पाया जाता है।  कैंडिडा अन्य सूक्ष्मजीवों के साथ बैलेंस में काम करता है लेकिन जब बैलेंस बिगड़ जाता है तो इनकी संख्या बढ़ जाती है  और  योनि तक पहुंच जाती है।  यही योनि में यीस्ट इंफेक्शन का कारण भी बनती है।

 

पीरियड्स के दौरान योनि में खुजली से खमीर संक्रमण होना –
मासिकधर्म चक्र सभी महिलाओं में अलग -अलग होता है।  शरीर में हार्मोन परिवर्तन होने से पीएच में बदलाव होता है।  इसलिए खमीर संक्रमण व फंगस कैंडिडा का कारण बन सकता है।  खमीर संक्रमण होने पर खुजली के साथ के अन्य लक्षण उत्प्न्न करता है जैसे
  • पेशाब करने में परेशानी।
  • योनि के क्षेत्र में सूजन और लालिमा।
  • योनि से कॉटेज चीज के समान पदार्थ का स्त्राव।
खमीर संकमण का उपचार एंटीफंगल दवाओं से किया जाता है।  इसके अतिरिक्त खमीर संक्रमण की स्थिति में डॉक्टर योनि की खुजली का इलाज करने के लिए ओवर -द -काउंटर सामयिक दवा या फ्लुकोनाजोल जैसे ओरल एंटीफंगल का सुझाव देते है।
पीरियड्स के दौरान खुजली के इर्रिटेशन की समस्या –
महिलाओं में मासिकधर्म के दौरान पैड या टेम्पोन के कारण खुजली की समस्या उतप्न्न होती है।  कुछ महिलाएं पीरियड्स के दौरान साफ -सफाई रखने के लिए कुछ उत्पादक का उपयोग करती है उनसे भी योनि में इर्रिटेशन होने लगता है।  मासिक धर्म के दौरान पैड पर जमा खून बैक्टीरिया और यीस्ट संक्रमण का जोखिम बढ़ता है।  इसलिए पैड गीला होने पर बार -बार बदलना चाहिए ताकि संक्रमण न हो।
इर्रिटेशन के कारण हुए खुजली को रोकने के कुछ निम्न उपाय अपना सकते है –
  • एक ही टैम्पोन और पैड का इस्तेमाल अधिक समय तक न करे , इन्हे समय पर बदलते रहे।
  • योनि क्षेत्र को बिना रंग या गंध वाले हल्के साबुन और केवल साफ पानी से धोएं।
  • असुंगधित टैम्पोन या पैड का इस्तेमाल करे।
  • गंदे कपड़े का उपयोग पीरियड्स में न करे।
  • हमेशा अच्छी कम्पनी के पैड या टैम्पोन उपयोग में ले।
  • अंडरवियर साफ पहनें।
 पीरियड्स के  दौरान योनि में खुजली के कारण ट्राइकोमोनिएसिस हो सकता है –
ट्राइकोमोनिएसिस एक तरह का यौन संचारित संक्रमण होता है जो ट्रायकॉमोनास परजीवी संक्रमण के कारण हो  हो सकता है।  योनि में खुजली के साथ अन्य लक्षण नजर आने लगते है जैसे
  •  योनि में बदबू आना।
  • योनि स्त्राव में परिवतर्न होना।
  • जननांगो में सूजन होना।
ट्रायकॉमोनास का उपचार सही समय पर करना बहुत जरूरी होता है अगर समय पर उपचार न किया जाये तो जननांगो पर सूजन की समस्या बढ़ने लगती है। जननांग में सूजन होने से अन्य यौन संचारित समस्या हो सकती है।
हालाँकि ट्राइकोमोनिएसिस का इलाज ओरल प्रिस्क्रिप्शन एंटीबायोटिक की मदद से किया जा सकता है। जिनमे शामिल है – (1 ) टिनीडाजोल  (2 ) मैट्रोनिडाज़ोल।
पीरियड्स के दौरान योनि में खुजली के कारण बैक्टीरियल वेजिनोसिस होना –
मासिकधर्म का चक्र आगे या पीछे होता रहता है और मासिकधर्म में हार्मोन परिवर्तन होना आम बात है।  यह योनि में पीएच के असंतुलन का कारण बनता है और हानिकारक बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है।  बैक्टीरिया वेजिनोसिस योनि में खुजली के साथ अन्य समस्या उतपन्न करता है।
बैक्टीरियल वेजिनोसिस का उपचार करने के लिए कुछ दवाओं की सलाह देते है।  इन दवा  टिनीडाजोल , क्लिंगडामाइसीन आदि है।
पीरियड्स के दौरान सावधानियां –
  • साफ -सफाई का ध्यान रखें।
  • अधिक समय के लिए एक  सेनिटरी पैड  इस्तेमाल न करे।
  • हर दो घंटे बाद टैम्पोन जरूर बदले।
  • रोज नहाएं।
  • पैड का इस्तेमाल करे और हर 6 – 8  घंटे में अपना पैड बदले।
  • योनि को साफ करने के लिए हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल करे।
  • ऐसे गारमेंट न पहने जो योनि तक हवा ना पहुंच पाएँ।
पीरियड्स में योनि में जलन  घरेलू उपचार –
  • ढीले -ढाले सूती अंडरवियर पहनें और टाइट कपड़े और बहुत ज्यादा मोटे कपड़े पहनने से बचें।
  • सुंगधित उत्पादों का प्रयोग किय बिना वजाइना को धोयें।
  • पीरियड्स के समय योनि में जलन को दूर करने के लिए हाइड्रोकार्टिसोन क्रीम का उपयोग भी कर सकते है।
  • डाइट में एंटी बैक्टीरियल फूड्स जैसे -लहसुन , अदरक , नींबू , नारियल का तेल आदि शामिल करे।  इससे इंफेक्शन का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। इसके अलावा 8 -9 गिलास पानी , जूस और दूध जरूर पियं।
  • जिन महिलाओं को  यह समस्या होती है  उन्हें खुशबूदार पाउडर या स्प्रे आदि से दूर रहना चाहिए। खासकर प्राइवेट एरिया पर इनका इस्तेमाल न करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *